Dosti Shayari Fundamentals Explained

जब बचपन मे दोसत के साथ की हुई मस्तियाँ याद आती है

क्योंकि हमारी दोस्ती की क़ैद में जमानत नहीं होती

न चाहत, न मोहब्बत, बस तेरी दोस्ती चाहिए,

“तेरी यारी दिल की धड़कन, तेरा प्यार जान की पहचान।”

भरोसा करके टूट जाना ही दोस्ती का अंत नहीं होता,

कभी तुझे कॉल कर के कहता हूँ, “यार तेरी याद आ रही है!”

कभी फुर्सत मिले तो पढ़ना किताब रिश्तों की,

दोस्ती शायरी दो लाइन में दोस्ती की मिठास और अपनापन महसूस कराया जाता है। ये शायरी छोटी होती है, लेकिन भावनाओं से भरी होती है। जब दिल दोस्त की यादों से भर जाता है, तो ऐसी शायरी उसे एक मुस्कान दे सकती है। यह शायरी सच्चे रिश्तों की अहमियत को दो लाइनों में बयां कर देती है। अगर आपके पास कोई खास दोस्त है, तो उसके लिए ये शायरी ज़रूर शेयर करें।

जिसको बसना है जन्नत में, वो बेशक जाकर बसे,

कभी तुझसे प्यार, कभी तुझसे लड़ाई होती है!

न थी दुश्मनी किसी से, तेरी दोस्ती से पहले

जब तू पास होती है तो सब शराफत भूल जाती हूँ,

क्योंकि मेरे दोस्त मुझे दोस्त नहीं, भाई मानते हैं।

तेरी Dosti Shayari दोस्ती में ही तो, हर मुश्किल आसान है।

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